माँ की ख्वाहिश

एक माँ और बेटा सुख चैन से रह रहे थे। दोनों आराम से अपना टाईम पास कर रहे थे . माँ बुजुर्ग हो चली थी तो उसने सोचा की अब बेटे की शादी कर देनी चाहिए। जिस  बेटे को  बड़े लाड  प्यार से पाला, अब उसके लिए बहुरानी ला ही दूँ . माँ ने बडे ही धूम धाम से बेटे की शादी कर दी। नई बहुरानी आई ,घर में बड़ी ही रौनक सी छा गई थी घर में । माँ बहुत खुश थी , कोई तो है अब जो उसके बाद उसके बेटे का ख्याल रखेगी उसकी संगिनी बन के हर पल उसका साथ देगी । अब तो माँ को बस बच्चे किलकारियों को सुनने का दिल करता था। जल्दी से बहु को बच्चा हो जाये , उसके साथ खेल कर अपना टाइम पास करूंगी, घर में बच्चों के होने समय भी कितना जल्दी गुजरता है ।

लेकिन ये क्या ज्यूँ ज्यूँ समय गुजर रहा था, बेटा माँ से कटता सा जा रहा था , अब तो माँ का हाल चाल पूछना भी बंद हो गया । क्यूँ माँ को बड़ा अजीब सा लगने लगा , जो उसकी आँखों का तारा है अब वही उसका हाल भी नही पूछता , सोचने लगी बेटा बिजी बहुत हो गया है शायद फुरसत नही मिल पाती होगी।

एक दिन बेटा आया । माँ से बोला
“माँ चलो में आपको एक जगह ले चलता हूँ , वँहा आप बहुत आराम से रहेंगी ”
माँ घबरा गई
” क्यूँ बेटा क्या हुआ में तो तुम दोनों के साथ  बहुत खुश हूँ मुझे और क्या चाहए में तो बिलकुल आराम में हूँ बेटा ”
बेटा – माँ तकलीफ आपको नही होती पर आपकी बहु को होती है ये घर बहुत छोटा है और हम तीन लोग हैं इसमें बहु को बहुत घुटन सी होती है ।

माँ सन्न रह गई कुछ और बोलने की हिम्मत ना हुई , चुपचाप बेटे के साथ चल दी।
बेटा माँ को वृद्धाश्रम छोड़ आया। अब मौज मस्त के साथ दोनों मियां बीबी घर में अकेले रहने लगे उन्हें ऐसे लगा मानो बस यही अब उनकी दुनिया है, माँ को भी भुला सा दिया।

काफी समय के बाद बेटा माँ के पास गया
और बोला माँ कोई तकलीफ तो नही

माँ बोली बेटा यंहा मन नही लगता है ,तुम मुझे घर तो ले नही जा सकते एक काम करोगे मेरा

हाँ माँ, बेटा बोला

माँ – बेटा सोशल मीडिया  कोई जगह है , वँहा बहुत लोग रहते है , सुना है वँहा माँ का बहूत सम्मान होता है, माँ की पोस्ट डाली जाती है,  माँ की पोस्ट को 10 दोस्तों को भेजना भी पड़ता है , तू मुझे वन्ही छोड़ आ मेरा मन तो भी लगा रहेगा

बेटे अब हक्का बक्का रह गया

आज ही उसने फेसबुक पर एक सुंदर सी माँ को समर्पित पोस्ट डाली थी , उस पोस्ट पर लाइक्स की झड़ी भी लग गई थी।

some words from author – दोस्तों माँ को प्यार दे सम्मान दे , कुछ ज्यादा नही करना है बस उससे बात करे, फिर कोई जरुरत नही है , पोस्ट डालने की शेयर करने की किसी भी चीज की जरूरत नही है । थैंक्यू भी मत बोलो माँ को कभी ,क्योंकि माँ ने जो किया है वो थॅंक्स कहने से तुच्छ लगेगा और वैसे भी माँ को आपका थॅंक्स कभी नही चाहिए। आप बस माँ से बातें कर लिया करो उसे जमाने भर की खुशिया यूँही मिल जाएँगी

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2 thoughts on “माँ की ख्वाहिश

  • May 18, 2017 at 10:54 pm
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    sahi baat h ek dam nice

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