माँ तू बस ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

माँ तू बस ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,मुस्कराती रहना क्यूंकि तू तभी मुस्कराती है जब हम मुस्कराते हैं

मातृ  दिवस की हर माता को बधाई

हे जननी तुझे कोटि कोटि प्रणाम

आज माँ के लिए कुछ शब्द कहना बहुत जरुरी है यूँ तो , ऐसा कोई दिन नहीं जिस दिन माँ को याद ना   किया जाये पर आज उनके लिए कुछ विशेष  होना चाहिए।
माँ शब्द वो शब्द है जिसमे पूरा ब्रह्माण्ड समाया हुआ है , पृथ्वी पर माँ  और ऊपर भगवान् , ये दोनों ही है जो रचनाकार हैं ,इनके अलावा और किसी में भी सृजन की वो शक्ति नहीं है जो इनके पास है।  दोनों को एक दूसरे का पूरक कहा जाये  तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।  मनुष्य के जीवन में जन्म से लेकर मरण तक ,जब तक माँ है सदैव अपनी  संतान के  ऊपर अपनी दया , वात्स्ल्य और अपने प्रेम को छाँव बनाये रखती हैं जो सदैव जो अपनी सन्तानो को बचाती  इस जगत की तमाम दुश्वारियों से वो  केवल और केवल माँ ही है।  संसार में केवल माँ  ही है जो ईश्वर  से कभी कुछ  भी  अपने लिए नहीं मांगती उसकी हर दुआ में उसके बच्चों के लिए ही अरदास करती है बस।
 माँ वो है जो आपको बिना पीटे  भी रुला सकती हैं और वो भी है  जो रोते  हुए बच्चे को झट से चुप करा देती हैं।  माँ वो है जिसने शिवाजी  को वीर बनाया ,माँ वो है जिसने कृष्ण को योगीश्वर बनाया , माँ वो है जिसने अपनी संतान को हमेशा एक अच्छे मानव बनने का संस्कार दिया  और ।  माँ वो है जिसकी चपत , जिसकी घुड़की आपके जीवन का निर्माण करती है माँ वो है जो एक कोरे कागज से बच्चे को इस जगत का ज्ञान देती है।
आज उन माओं को हमारा चरण वंदन , आप हमेशा मुस्कराती रहे माँ
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chhote mama

sapna k chhote mama hain hum ynha koi baat nhi hogi , haveli par ana

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