महाराज विश्वेन्द्र सिंह की दस ख़ास बातें जिन्हें हर कोई नही जानता ?

  1. महाराज विश्वेन्द्र के जन्म के 9 के साल बाद भारत सरकार ने राजशाही के सभी प्रकार के प्रतीक और पदवी और प्रिवी पर्स सब ख़त्म कर दिया था. आधिकारिक रूप से भरतपुर के अंतिम राजा महाराज बृजेन्द्र सिंह हैं. इस तरह से महाराज विश्वेन्द्र सिंह केवल लोगों के दिलों में ही राजा है , सरकार की नजर में नही.
  2. महाराज विश्वेन्द्र सिंह की शादी उनसे केवल डेढ़ साल छोटी महारानी दिव्या सिंह से 15 फरबरी 1989 में   हुई. महारानी दिव्या सिंह ग्रेजुएट हैं और उनकी पढाई लखनऊ के इसाबेल थोरबर्न कॉलेज से हुई है.
  3. महाराज विश्वेन्द्र सिंह का आधिकारिक निवास मोतीमहल पैलेस है.
  4. महाराज विश्वेन्द्र सिंह जाटों के गोत्र सिनसिनवार से ताल्लुक रखते हैं. भरतपुर के सिनसिनी गाँव को सिनसिनवार जाटों का उद्गम स्थल कहा जा सकता है.
  5. महाराज विश्वेन्द्र सिंह का हमशक्ल कौन है – ओलम्पिक पदक विजेता राज्यवर्धन राठौर

        यकीन नही तो खुद देख लिजिये.

 

Maharaja Vishwendra Singh
Rajyavardhan Singh Rathore

 

 

 

 

 

 

 

  1. महाराज विश्वेन्द्र सिंह पहले बीजेपी के सदस्य भी रह चुके हैं. अपने गृहनगर भरतपुर में टिकट वितरण पर रोष जताते हुए उन्होंने बीजेपी को छोड़ दिया था.
  2. महाराज विश्वेन्द्र सिंह ने गूजर्रों के आरक्षण आन्दोलन को अपना समर्थन दिया था.
  3. महाराज विश्वेन्द्र सिंह की डॉ दिगम्बर सिंह से प्रतिद्वंदिता जगजाहिर रही है. लेकिन जब डॉ दिगम्बर सिंह कैंसर से बीमार पड़े तो दोनों ने अपनी प्रतिद्वंदिता को भुला दिया था. डॉ दिगम्बर सिंह की मृत्यु के बाद जब उनके जब उनका अंतिम संस्कार हुआ तो महाराज विश्वेन्द्र सिंह काफी दुखी हुए थे काफी देर तक उनकी चिता के पास एक परम मित्र की भाँति बैठे रहे.
  4. महाराज विश्वेन्द्र सिंह का पढाई लिखाई में कभी ज्यादा मन नही रहा, उन्होंने केवल सेकंड्री तक पढाई की है.
  5. महाराज विश्वेन्द्र सिंह बाकी राजाओं की तरह विदेश संस्कृति के पूजक नही है उन्हें केवल देसी रहन सहन सुहाता है. वो हमेशा आपको सादे कपड़ों में मिलेंगे.
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