लो आ गई साल की सबसे हॉट और विवादित फ़िल्म

फिल्म ‘लिपस्टिक अंडर माई बुर्का’ ने सेंसर बोर्ड को खुल के चिढ़ाने आ गयी है. सबसे पहले तो अपने बोल्ड पोस्टर के साथ और अब नए ट्रेलर के साथ. पिछले दिनों सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को बैन कर दिया था कारण बताया बहुत ज्यादा ‘महिला संबंधित’ फ़िल्म है. लेकिन सेंसर बोर्ड का ये कदम ही फिल्म के निर्माता के लिए वरदान साबित हो रहा है और अब वे इसका भरपूर फायदा उठा रहे हैं, इससे निश्चित ही फ़िल्म को फायदा होने की सम्भावना है

मई में फिल्म के निर्माताओं ने सेंसर बोर्ड के बैन के खिलाफ फिल्म प्रमाणन अपीलीय ट्रिब्यूनल (एफसीएटी) का दरवाजा खटखटाया था. एफसीएटी ने सेंसर बोर्ड को निर्देश दिया था कि फिल्म को ‘ए’ सर्टिफिकेट के साथ रीलिज होने दिया जाए. तो अब यह फिल्म सिनेमा हॉल में आने के लिए तैयार है और अपने नए ट्रेलर से तहलका मचा रही है. इस नए ट्रेलर में फ़िल्म से जुड़े सारे विवादों को खूब दिखाया जा रहा है ताकि लोगों में और ज्यादा उत्सुकता बने और फ़िल्म को ज्यादा से ज्यादा ओपनिंग मिले . दो मिनट का ये ट्रेलर अखबारों की सुर्खियों से शुरू होता है और उसके बाद एक स्लोगन आता है जो कहता है- ‘साल की सबसे विवादास्पद फिल्म आ गई है.

हमारे सुपर संस्कारी सेंसर बोर्ड को छोटे से छोटे कुसंस्कार से दिक्कत है और इसलिए वो फिल्मों पर कैंची चलाने से बाज नहीं आता. उदाहरण के लिए- किसिंग सीन, लव- मेकिंग, और ‘इंटरकोर्स’ जैसे शब्दों के उपयोग, सभी सेंसर बोर्ड के दायरे में वर्जित हैं. 

 एक बात फ़िल्म से पर ,फिल्मकार और फेमिनिस्ट का मानना है की ऐसी फ़िल्में से नारियां मजबूत होंगी , अब कोई औरत खुल के सेक्स करती है या उससे जुड़े अपने विचार प्रकट करती है , औरतें मजबूत कैसे हो जाती है ये हमारी समझ आज तक नही आया ? मजबूती का प्रतीक अब सेक्सुअल डिजायर हैं क्या केवल 

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