AB de Villiers का indian connection

दरअसल AB de Villiers की काबिलियत को देख कर कँही से नही लगता की वो इतनी नाकाबिल टीम का कप्तान है , चोकर  साऊथ अफ़्रीकी टीम में इतने हुनरमंद  खिलाडी का क्या काम ?  तो हमाये पत्रकार महोदय झम्मनलाल को ये बात नागवार गुजरी और उन्होंने ठान लिया की सच्चाई का पता लगा के रहेंगे आखिर AB de Villiers का पूरा इतिहास क्या है।

झम्मनलाल ने अपने  दिमागी घोड़े दौड़ाये , और आखिरकार उसने  ने अपनी खोजी पत्रकारिता से   AB de Villiers की पूरी कुंडली निकाल ही डाली । झम्मनलाल को AB de Villiers पर रिसर्च के दौरान   पता चला कि AB de Villiers का असल  नाम अनोखेलाल बुबालू  देवीलाल है , और साउथ अफ्रीका की टीम में चयनित  होने के बाद   बोर्ड के दवाब  के कारण   AB de Villiers  को अपना नाम बदलना पड़ा   क्योंकि बोर्ड को  AB de Villiers  के पुराने नाम से खासी परेशानी होती थी , बोर्ड 11 सदस्यों की टीम चुनता था पर नाम 13 हो जाते थे गिनती में , तो बोर्ड ने AB de Villiers को अंग्रेजी नाम रखने को बोला । इसी खोजबीन के दौरान पता चला की AB de Villiers के दादा  भारत के मूल निवासी थे। AB de Villiers के दद्दा उत्तराखण्ड के  सरयूपारीण ब्राह्मण थे और बड़का गोरे थे , जब गांघी जी साउथ अफ्रीका  गए थे AB de Villiers के दद्दा भी गए थे और जिस ट्रेन से बापू को निचे फेंका था उस ट्रेन में उसी डब्बे में AB de Villiers के दद्दा भी सवार  थे, चूँकि बड़का गोरे थे तो टीटीई भी  सुसरा पहचान नही पाया AB de Villiers के दद्दा को ,  और AB de Villiers के दद्दा आराम से सफर किये पूरा नही तो ये भी फिंका जाते ।

अब चूँकि  गोरे काफी थे तो अंग्रेजों के बड़े काम आ जाया करते थे ,बहुत ही गुप्त सूत्रों से पता चला की एकाध बार तो AB de Villiers के दद्दा को अंग्रेजों ने साइमन बना के रेल में बिठा कर  भेज दिया था  क्यूंकि उस समय भारतीय  साइमन का विरोध कर रहे थे और अंग्रेज भी कोनसे कम बनिया थे ,उन्हें जब पता चला भारतीय , साइमन को GO BACK करने वाले हैं तो वो  साइमन की जगह AB de Villiers के  दद्दा को भेज देते थे रेलवे स्टेशन पर  , उनकी  सेवाओं  के बदले में  अंग्रेजो ने AB de Villiers के दद्दा को  50 कठ्ठा २० बीघे ज़मीन  साउथ अफ्रीका में इनाम स्वरुप दी. उस जमीन के कारण AB de Villiers के दद्दा भी साउथ अफ्रीका शिफ्ट कर गये । AB de Villiers भी अपने दद्दा के तरह बहुत ही प्रतिभाशाली निकला  , जँहा भी जाता हर क्षेत्र में AB de Villiers के चर्चे होते थे . हर गेम में टॉपर था AB de Villiers,  पर चूँकि  भारतीय खून नशों में था सो सब छोड़ छाड़ के क्रिकेट को अपना लिया , AB de Villiers के पापा  का बहुत प्रेशर रहता था उसके ऊपर . AB de Villiers के पापा हमेशा कहते रहते थे देख शर्माजी के लौंडे को सीख ले कुछ वो इंडिया में अभी से तैयारी कर  रहा है  .तुम्हे शर्माजी के लौंडे से ज्यादा रन बनाने ही होंगे  उसे टक्कर देनी है ,ये शर्माजी के लौंडे रोहित शर्मा का डर ही था जो आज   AB de Villiers इतना ज्यादा टैलंटेड है. AB de Villiers  आज भी फुर्सत के छणों में शर्माजी के लौंडे को गालियाँ देते हुए मिल ही जाते हैं 

Facebook Comments
(Visited 47 times, 1 visits today)

Leave a Reply

%d bloggers like this: