बाप The unsung Hero

बाप सुबह सुबह तैयार होकर  काम पर जा रहा था.  बीबी ने दौड़ भाग करके पति  के लिए खाना बनाया बड़े जतन से . पति को काम पर जाने के लिए देरी ना हो सो आधे काम पति के  खुद ही  निबटा दिए . पति बस निकलने वाला था की बेटे की नींद खुल गई , बेटे ने उनींदी सी आँखों से घर में चारों तरफ देखा , माँ दिखाई ना दी कहाँ  गयी माँ , बड़ा ही घबरा सा गया और रोने लगा माँ दौड़ी दौड़ी आई बेटे को को उठा के गले से लगा लिया  , उधर पति हाथों  में झोला  थामे काम के लिए घर से निकलने वाला था , बीबी गोद में अपने बेटे को लिए हुए आई , पति काम पर जा रहा था तो उसे विदा करने लगी  . बेटे  ने जब देखा की बाप सुबह सुबह तैयार होकर कंही जा रहा है तो अपनी ही इशारों वाली भाषा में बाप के साथ जाने के लिए मचलने लगा , उसे लगा की उसका बाप कंही बाहर जा रहा है तो वो भी बाप के साथ जाने की जिद करने लगा , बाप भी समझ गया बेटे की जिद को , उसने उसे गोदी में ले लिया . बेटे को लेकर घर की बालकनी में टहलने लगा, बेटा  भी खुश हो गया मानो अब तो वो अब अपने बाप के साथ ही जाएगा भले ही पता नही है की बाप काम पर जा रहा है . बाप बेटे को गोदी में लेकर घुमा रहा था . बाप ने थोड़ी देर घुमाया फिर बेटे को लेकर कुर्सी पर बैठ गया . अरे ये क्या जैसे ही बाप कुर्सी पर बैठा , बेटा रोने लगा . बाप असमंजस में बेटे की और देख के सोचने लगा , क्यूँ रो रहे हो भाई  क्या हुआ बस बैठा ही तो हूँ , पर बेटे का रोना बंद नही हुआ तो बाप बेटे को चुप कराने के लिए  कुर्सी से खड़ा हो गया , जैसे ही बाप खड़ा हुआ बेटे का रोना भी बंद हो गया . बाप   बड़ा ही अचम्भित हुआ , समझ गया  कि  इसे मेरा बैठना पसंद क्यूँ नही आया , साहबजादे को  घूमना जो है बाप की गोदी में  . बाप बोला बेटे से क्या हुआ भाई  मेरे बठने से तुम्हे क्या तकलीफ हो रही है . बेटा अभी कन्हा  कुछ बोलता था , बस मुस्कुरा दिया अब तो बाप को बड़ा ही मीठा सा गुस्सा आया बोला अच्छा तुम्हे मेरी गोदी में घूमना है पता  है , बेटा बोलता नही था पर उसने जब दुबारा मुस्कराहट दिखाई बाप को तो बाप समझ गया . बेटे को  बाप का साथ घूमना  पसंद है घर बैठना  नही ,  उसे गोदी में  घुमना पसंद है . बाप अब तो फंस गया क्या करे अगर बेटे की इच्छा पूरी करे तो काम पर देरी हो जाएगी . ये करना तो बड़ा ही मुश्किल है ,मालिक की झिडकी सुननी पड़ेगी , पर बेटे के मुस्कराते हुए चेहरे को देखकर उसे लगता कि  भाड़ में जाये मालिक पहले बेटे को थोड़ी देर घुमाया जाए , बाप को अपनी संतान के साथ खेलने में असीम आनंद आ रहा था अब उसे किसी भी मालिक की परवाह नही थी .  बाप भी बेटे की तरफ देख कर मुस्कुरा दिया जवाब में बेटा भी मुस्कुरा दिया . ओहहह  बेटे की प्यारी सी मुस्कराहट देख कर बाप का तो मानो एक इन्क्रीमेंट लग गया . लेकिन अचानक से याद आया बाप को वो  कोई फूफाजी की दुकान पर  तो काम करता नही जो , जब मन किया चले गये जब मन किया नही गये , उसकी आँखों में खूसट मालिक का चेहरा उतर आया . उसने बेटे को गोदी से उतार दिया और बेटे को माँ  की गोदी में  दे दिया , लेकिन बेटा कौनसा कम जिद्दी था वो माँ की गोद में जाकर भी रोने लगा मानो उसने आज सौगंध खाली थी , बाप की आँखों के सामने बार बार  मालिक का चेहरा आने लगा , तो उधर बेटे की भी आज जिद थी,  बाप की गोदी में ही रहना है , की वो फिर से रोने लगा , रो भी ऐसे रहा मानो बाप को कह  रहा हो,  क्यूँ पिता श्री आपको मुझ मासूम पर बिलकुल भी प्यार नही आ रहा क्या , क्यूँ मुझे रुला रहे हो , अब तो बाप बुरी तरह फंस गया किस को तरजीह दे अपने खूसट मालिक को या फूल से बेटे को उसकी मनमोहक  मुस्कान को  . इस धर्म संकट में क्या करे बेचारा बाप , इस उहापोह की स्थिति में इसने अपनी बीबी की तरफ देखा . बीबी भी  पति की दुविधा को समझ गयी. पति से  बोली  आप काम पर जाओ यूँ ना रुको अगर आप ऐसे रुक गये तो अभी तो इसे ख़ुशी मिल जाएगी पर,  जो  इसके भविष्य के लिए आपको करना है उसका क्या ?  आपको कठोर  बनना पड़ेगा . पति बीबी के तर्को से एकदम सहमत था  . सोचने लगा  हां सही तो कह रही है अगर  मैं  ऐसे ही रुकने लगा तो इसके  भविष्य  निर्माण के लिए जो भी कुछ जिम्मेवारियां मुझे निभानी उन्हें में कैसे निभा पाउँगा , बस इतना सोच कर उसने  अपना दिल पत्थर सा  कर लिया , अब  बाप घर से बाहर  निकल गया काम के लिए अपनी सन्तान के भविष्य के लिए  . कल  को बेटा  भले बाप के   आज के हालात ना समझे ,  पर बाप को  अपना कर्तव्य तो निभाना है , और सन्तान  के लिए ही उसे  काम पर जाना है . अफ़सोस ना होगा कल को बेटा भले बाप को बोले अपने  मेरे लिए क्या किया ,  आप तो मेरे लिए रुकते भी ना थे ,  पर तब शायद बेटे को ये समझ ना आयेगा क्यूँ उसका बाप नही रुका .

अब उसे ये  सब समझने क लिए  खुद  बाप  बनना पड़ेगा .

Facebook Comments
(Visited 51 times, 1 visits today)

One thought on “बाप The unsung Hero

Leave a Reply

%d bloggers like this: