उज्मा को देख रो पड़ा , मोहम्मद हाफिज को आई किसकी याद

 

पाकिस्तान के कुख्यात आतंकवादी सरगना मुहम्मद हाफिज़ की आँखों में बीते दिनों के एक घटनाक्रम को देखकर आंसू आ गये , खूंखार आतंकवादी भी द्रवित हो ही गया , ये नजरा देख कर हमारे सम्वाददाता श्री हल्लनलाल की आँखों में भी आंसू आ गये और उन्होने इस कुख्यात आतंकवादी की नम आँखों का कारण जानना चाहा। वो चाहते थे कि जनता के सामने इस आतंकवादी का मानवीय पक्ष सामने आये। इसलिए
हल्लनलाल ने हाफिज का फ़ोन पर इंटरव्यू  लिया

पढ़िये पूरा इंटरव्यू

हल्लनलाल – हाफिज साहब मुझे सुत्रों से पता चला कुछ दिन पहले जब उज्मा की वतन वापसी हो रही थी तो आप भी उस न्यूज़ को देखकर रुआंसे हो गये थे आखिर क्यूँ इसका कारण क्या है , आपका काम तो लोगों को आंसू देना है ना की खुद की आखों में आंसू लाना, ऐसा क्या हो गया जो आपकी आँखों में आंसू आ गये अभी तो कोई बुरहान वाणी को भी हमने जन्नत में हूरों  के पास नही भेजा है फिर क्यूँ आप रुँसे हो गये थे या आपका उज्मा का घर जाना देखकर किसी की याद आ गयी

मोहम्मद हाफ़िज़ – जी पहले तो आपके पांएँ लागूं  हल्लन लाल जी

हल्लनलाल- अरे वाह आप कितना सम्मान देते है लोगों को , खामखाँ आपके बारे में अफवाह उड़ा रखी है आप आतंवादियों की तरह बातें  तो बिलकुल नही कर रहे , खैर जो भी हूँ आप रो क्यूँ रहे थे

मोहम्मद हाफ़िज़- जी अब क्या बताऊँ हल्लनलाल जी , कल उज्मा  की विदाई को देखकर मुझे भी मेरी बहन की याद आ गयी

हल्लनलाल- क्यूँ आपकी बहन ने आपको छोड़कर किसी और से शादी कर ली क्या ?

मोहम्मद हाफ़िज़- काहे ले रहो  हमाई हल्लनलाल जी , में तो अपनी उस बहन की बात कर  रहा हूँ जो आपके पास रह रही है

हल्लनलाल- आप बरखा धत्त  की बात कर रहे हैं क्या ?

मोहम्मद हाफ़िज़ – जी आपको तो सब पता है, हाँ में अपनी प्यारी सी बहन बरखा की ही बात कर रहा हूँ , कितने साल से वो भारत में अपनी सेवाएं दे रही है मुझे लगता है अब उसकी भी वतन वापसी हो जानी चाहिए , कल जब उज्मा अपने वतन इंडिया वापस जा रही थी तो मुझे वो फूल सी बरखा याद आ गयी जो अपने जहन  में जेहाद की सेवा के उद्देश्य से इंडिया चली गयी थी। और जब वो गंजी थी तब से लेकर आजतक  जब उसके बॉयकट बाल हो गये हैं वो हमाये देश की सेवा कर रही है इतनी सेवा तो जिन्नाह साहब ने भी ना की थी,  बिचाये पाकिस्तान बनवाने के कुछ दिन बाद ही नरक सिधार गए।

हल्लनलाल- तो  आप बुला क्यूँ नही लेते अपनी बहन बरखा धत्त को

बुला तो लूँ पर तुम लोग तो जरा भी उसे प्रताड़ित नही करते उलटे वो तुम लोगों की नाक में दम की हुई है, उसने मुझसे वायदा लिया था। जब तक कोई उसे तंग नही करेगा में उसे पाकिस्तान वापस नही बुलाऊंगा । और उसे थोडा तो तंग किआ करो तुम इंडिया वालों मेने उसके लिए तो बेईमान pm शरीफ से भी कह रखा है की बरखा को निशान ए पाकिस्तान दे । उसने इस मुल्क की जितनी सेवा की है . उतनी तो हमाये जेह्हादी आतंकवादी भी नही कर पाए पाकिस्तान की सेवा।

हल्लनलाल- वास्तव् में ऐसी महान देशभक्त बहन के लिए आपका रोना जायज है , आपके इसी मानवीय रूप को जनता के सामने लाने के लिया मेने  आपका इंटरव्यू किया ह , एक आदर्श भाई के रूप है आप उम्मीद है जल्दी ही बरखा अपने देश वापस आ जाये . वैसे जब वो वापस आयेगी तो सबसे खुशी का लम्हा कौनसा होगा आपके लिए

हफिज- मेरे लिया सबसे ख़ुशी का लम्हा वो होगा जब बरखा बाघा बॉर्डर पार करते ही पाकिस्तान की धरती को चुमेंगी , वल्लाह मेरे 72 लडके उस दिन उसके लिए कुर्बान कर दिए जायेंगे

हल्लनलाल- हाफिज सहाब एक बात पूछनी है

हाफिज – हाँ , साहब पूछो

हल्लनलाल – वो रोटियाँ मिल रही हैं ना आपको बराबर … हेल्लो हेल्लो  लगता है हाफिज ने गुस्से में फ़ोन काट दिया

 

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3 thoughts on “उज्मा को देख रो पड़ा , मोहम्मद हाफिज को आई किसकी याद

  • May 31, 2017 at 1:00 pm
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    Hi

    Again, I am here. Thanks for your wonderful sharing and discussion. Your opinion and idea really very great. Thanks for your suggestion. Keep on good work. All the very best to you further ahead.
    Cheers!!!

    Krishan Kargwal
    http://www.flamingotravel.in

    Reply
  • May 31, 2017 at 1:01 pm
    Permalink

    Hi

    Again, I am here. Thanks for your wonderful sharing and discussion. Your opinion and idea really very great. Thanks for your suggestion. Keep on good work. All the very best to you further ahead.
    Cheers!!!

    Krishan Kargwal
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  • May 31, 2017 at 3:58 pm
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    hi very good article.
    thanks for sharing. keep up the good work.

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