लेफ्टिनेंट उमर  फैयाज , एक चिंगारी 

लेफ्टिनेंट उमर फैयाज मात्र २३ साल की उम्र में शहीद हो गए , जिस जवान के चेहरे पर अभी तक दाढ़ी भी ना ढंग से उगी थी  उम्र के २३ बसंतपुरे भी नहीं हुए थे , उसे उसी के साथियों ने कत्ल कर दिया  वो भी उसकी बहन की शादी  के मौके पर , जानी  दुश्मन  भी ऐसे मौंको पर अपनी मर्यादा निभाता  है परन्तु आतंकी नहीं ,ऐसे मौके पर उन्होंने उस निःहत्थे जवान को अगवा कर लिया जब वो अपनी बहन की शादी में शरीक हो रहा था , बाद में उसे अपनी गोलियों का शिकार बना दिया  ।  और ऐसे आतंकवादियों के लिए हमारे मेनस्ट्रीम मिडिया में बैठे कुछ लोग , मासूम शब्द का इस्तेमाल करते हैं उनके मानवीय अधिकारों की दुहाई देते हैं , क्या कभी उमर  फैयाज की पैरवी करेंगे ? नहीं करेंगे। उन्हें हमेशा भारत विरोधी गतिविधियां करने वालों के मानवाधिकार याद आते हैं आधी आधी रातों में कोर्ट खुलवाए जाते हैं  क्यूंकि उनका एजेंडा देश में शांति नहीं बल्कि उद्विग्नता का माहौल  पैदा करना है।  लेकिन  आज हम उनकी बात नहीं करते हैं।, करते हैं  फैयाज की बात, जिसने चुना एक ऐसा रास्ता जो अधिकांश कश्मीरी चुनना चाहता है पर उन अलगाववादियों , आतंकवादियों के खौफ से चुनता नहीं है , वो कश्मीरी जो समाज की मुख्यधारा  में आना चाहते हैं पर ये लोग उन्हें आने नहीं देना चाहते।  ऐसे कश्मिरिओं में उमर  फैयाज  चिंगारी जला के चला गया , वो अपने साथियो से हमेशा मुख्यधारा में शामिल होने को कहता था।  उन्हें  अपने साथ लाना चाहता।  अब क्या कह  रहा होगा फैयाज  यही की “आओ तुम मेरे साथ  अगर मेरी मौत का बदला लेना चाहते हो , मुझे दिल से श्रद्धांजलि देना चाहते हो तो वो यही होगी तुम सब मिल् के इन  अलगाववादियों , आतंकवादियों के हौंसले  चकना चूर कर दो  उसके लिए सभी कश्मीरी  मिलकर भारत देश की मुख्यधारा में शामिल हों और अपनी तरफ से जो भी बन पढ़े वो योगदान  देश के विकास के लिए दें। अगर आज इस   चिंगारी को शोला नहीं  बनाया तो मेरे बलिदान का कोई मतलब नहीं रह जायेगा और जीत देश के दुश्मनो की होगी कश्मीरियत के दुश्मनो की होगी।  मेरे  बलिदान का कर्ज चुकाना है तो इन अलगाववादियों , आतंकवादियों को बताते हुए उद्घोष करते हुए निकलो अपने घरो से और गाओ “

तुम कितने फैयाज मारोगे  अब हर घर में फैयाज है

आज पूरा देश फैयाज के साथ खड़ा है , कश्मीरियों तुम एक कदम लेके तो देखो , हर भारतीय तुम्हारे साथ है , और चीख चीख चिल्ला चिल्ला के बता दो उनक कश्मीरियत के दुश्मनो को अब बहुत हुआ अब  हर घर में फैयाज पैदा हो चूका है जो हिन्दस्तान क लिए जिया  और हिंदुस्तान के लिए मरा।  अब फैयाज की लगाई हुई चिंगारी को शोला बना के इन देश के दुश्मनो , कश्मीर के दुश्मनो , फैयाज के दुश्मनो , की बनाई हुई  ये बेड़ियाँ तोड़  डालो। ऐसा मुंह तोड़  जवाब दो की इनका साँस लेना भी दूभर हो जाये , जब इन्हे आपका ये रूप देखने को मिलेगा तो ये बस दो दिन के मेहमान रहेंगे , चल देंगे वंहा जंहा इनका दिल बसता  हैं , वैसे फिर वंहा भी कोई इनको रोटी का एक टुकड़ा भी  नहीं डालेगा , ये अपने से भूखों मरने पर मजबूर हो जायेंगे।

यही हमारी तरफ से एक देश के बेटे को  , कश्मीर के बेटे को  सच्ची  श्र्द्धांजलि होगी

 

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chhote mama

sapna k chhote mama hain hum
ynha koi baat nhi hogi , haveli par ana

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