परेश रावल ने लगा रखे हैं बिना पगार के नौकर

जी हाँ ये सच है बहुत हैरान करने वाला है , आज के इस आधुनिक युग में जब गुलामी बेगारी जैसे प्रथाएँ अस्तित्व में नही हैं तो, आखिर क्यों बीजेपी सांसद  परेश रावल  ने बिना वेतन के लोगों को काम पर रखा हुआ है , आखिर माजरा क्या है. एक रूलिंग पार्टी के सांसद होने का मतलब ये तो नही कि किसी कामगार को उसकी पगार ही नही दी जाये.

आज ट्वीट करते हुए खुद परेश रावल ने सोशल मिडिया पर बताया की उन्होंने कुछ लोगों को काम पर रखा हुआ है और वो उनको पगार भी नही देते  ,इतने अत्याचारोँ के वाबजूद ये लोग पूरी ईमानदारी से अपना काम करते हैं . ये लोग जो  बिना पगार के पूरी ईमानदारी से अपना काम कर रहे हैं वाकई में काबिल ए तारीफ लोग हैं , भाई कौन करता है आजकल के ज़माने में बेगार,  जिस जमाने में सन्तान फ्रिज में पानी की बोतल भर रख दे तो लगता है जैसे कि आज पैरेंट डे है या उनकी कोई नई फरमाइश है .

खैर जो भी हो, एक बार इन लोगों काम भी जान लेते हैं , आखिर क्या काम करवाते हैं उनसे बीजेपी सांसद और अभिनेता परेश रावल जिसकी वो पगार भी नही देते और कौन हैं वो बन्धुआ मजदूर

काम -पीठ पीछे बात करना (चुग़ली)

अवैतनिक कामगार  – रिफत जावेद (जनता का रिपोर्टर)

तो काम तो आपका पता चल ही गया है , अब आपको बता दे रिफत जावेद के बारे में इनको गलत फहमी है की ये पत्रकार हैं जैसे कि कांग्रेस को गलतफहमी है कि पार्टी में लोकतंत्र है . किसी मिडिया हॉउस ने इन्हें नौकरी नही दे  रखी है जबकि मोदी के विरोध में अगर कुत्ता भी भौंक दे तो अगले दिन ही NDTV उसका इंटरव्यू लेने चले जायेगी. तो ऐसे मोदी विरोधियों के स्वर्णिम काल में भी इन्हें किसी मीडिया हॉउस ने नौकरी नही दे रखी तो बेचारे खुद की वेबसाईट चला रहे हैं और अपने आपको पत्रकार मान बैठे हैं . अरे ऐसे तो में भी वेबसाइट चला रहा हूँ अगर उसे पत्रकार मानते हो तो मुझे तो आपको रामनाथ गोयनका अवार्ड दे देना चाहिए .

तो जो इनका काम है उसमे ये  एकदम परफेक्ट हैं और 101 प्रतिशत देते हैं अपना.  इसी का एक ताजा उदाहरण सांसद परेश  रावल ने दिया है आज ट्वीट करके.

 

रिफत जावेद की वेबसाईट

(इसे प्लीज़ न्यूज़ पोर्टल ना कहें )

ने  अभिनेता अनुपम खेर के FTII के चैयरमेन बनने पर पोस्ट किया कि बीजेपी समर्थक अनुपम खेर को FTII का चैयरमेन बनाया गया है .क्या इनको मालुम नही अनुपम खेर अपने आप में एक स्कूल हैं तो ऐसे अभिनेता के किसी अभिनय संस्था के चैयरमेन बनने पर क्या पोस्ट किया जाना चाहिये, इन्हें सब पता है.पर ये ऐसा करेंगे नही क्योंकि ऐसा करेंगे तो इनकी वेबसाइट के लिंक जो थोडा बहुत शेयर होते हैं वो होने बन्द हो जायेंगे.

 

बस मुझे अफ़सोस इस बात का हैं मोदी विरोधी अभिषेक मिश्रा तक को कार मिल गयी , इन्हें कोई कुछ क्यूँ नही देता. क्यों सिर्फ लिंक शेयर और गूगल एडसेंस के भरोसे छोड़ रखा हैं इन्हें.

अगर कोई मोदी विरोधी इस पोस्ट को पढ़ रहा है तो कृपया करके जावेद साहब को ज्यादा नही तो एक जॉब तो दिलवा ही दो

– नालायक निकम्मा

 

 

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