IIT मद्रास का सच , जिसे दलाल मिडिया ने छुपाया

अभी  दो दिन पहले एक खबर आई थी कि IIT मद्रास, चैन्नई  मेँ बीफ पार्टी के आर्गेनाइजर वामपंथी छात्र   सूरज को दक्षिणपंथी ,हिन्दुत्ववादी छात्रों ने कथित तौर पर पीटा और घायल सूरज को हॉस्पिटल में एडमिट करना  पडा , दलाल मिडिया ने इस पुरी खबर के मायने ही बदल दिए हुआ क्या था और दुनिया को दिखाया क्या ? दोनों में जमीन आसमान का अंतर , घटनाक्रम का एक ही पक्ष सबके सामने रखा  और सूरज को एक पीड़ित व्यक्ति के रूप में पेश किया जिससे लोगों की भावनाएं उसके साथ जुड सकें , इस दलाल मिडिया ने सोची समझी रणनीति की तहत ऐसा कदम उठाया ,  और कुछ चूतियों पर तो  इस खबर का असर भी हुआ । एक चुतिया जो की शुद्ध शाकाहारी है  make my trip का cofounder भी  है  . ट्विटर पर एलान करता है की वो इस छात्र  की पिटाई के विरोधस्वरुप   अब से शाकाहार छोड़ देगा और केवल बीफ खायेगा वो भी रोजाना . अब आप स्वय ही  अंदाजा लगा सकते हैं कि इस दलाल मीडिया के फैलाये प्रोपगेंडा का कितना असर हुआ है. एक आदमी जो खुद को शाकाहारी बताता है वो बीफ खाने पर उतारू हो रहा है  खैर ये तो कुछ ज्यादा ही चूतिये निकले जो झूठी  खबर  पर भरोसा कर शाकाहार से मांसाहार  पर उतर आये  , पर हाँ बहुत से और लोग भी हैं जिन्हें इस खबर पर  भरोसा हुआ होगा और इस घटना से व्यथित हुए होंगे तो उन्हें व्यथित होने की कत्तई जरुरत नही है . जो घटना   मीडिया ने आपके सामने रखी वो पूरी   सच नही  थी ,  यानि अपने मतलब का दिखाया और सच को छिपाया और  आपसे झूठ बोला गया .  अगर कोई  फैक्ट्स को जानबूझकर छुपाता है तो उसे  दलाल और presstitue  जैसे शब्दों से आपत्ति नही होनी चाहिए .  मीडिया को दलाल कहा जा रहा है क्यूंकि इन दलालों ने जानबूझ कर  इस घटना के दुसरे पहलू को छिपाकर रखा  . दरअसल उस दिन दो  लडके घायल हुए एक था सूरज जिसे मीडिया   ने विक्टिम  बताते हुए उसके  पक्ष में  पूरी तरह से लामबंदी कर ली थी और उस असली गुनाहगार को ही हीरो बना दिया जबकि वास्तविक पीड़ित आदमी का अपनी  रिपोर्ट्स  में कोई जिक्र ही नही किया ,  असली पीड़ित  था मनीष जिसेपीटा  गया , उसके हड्डी में फ्रैक्चर हुआ और अब उसे लोहे की रोड लगानी पड़ी है , मनीष जो  की वास्तविक पीड़ित है उसे  बीफ फेस्ट वाले दिन धमकियाँ  दी गयी.  मनीष के जैन होने के वाबजूद उसे बीफ खिलाने की धमकी दी गयी .   लेफ्टिस्ट जो  हर चीज की   आजादी मांगते  हैं उन्हें एक बार भी मनीष की आजादी का ख्याल  नही आया . असल सच तो ये है की लेफ्ट अब अप्रासंगिक हैं और उन्हें अब गधे भी घास नही डाल रहे , चाहें वो लाख  बुद्धिजीवी होने का भ्रम  पाल लें  पर  भारतीय राजनीति में  लेफ्टिस्ट एक जोकर का ही रोल प्ले कर रहे हैं  और उनकी ये हरकतें मेरी इस बात को  प्रमाणित करने की लिए  काफी हैं.  उस दिन  मनीष जो की जैन है, उसे लेफ्टिस्ट  सूरज ने  धमकी दी कि वह उसे जबरदस्ती बीफ खिलायेगा दोनों कैंटीन में थे.  सूरज ने इसके अलावा मनीष को काफी उत्तेजक शब्द भी  बोले और दोनों का कैंटीन में झगडा हो गया , और दोनों नो एक दुसरे को पीटा  ना की किसी  राईट विंगर ने सूरज को  पीटा जैसा की खबरों में बताया गया था बिकाऊ मीडिया के द्वारा .  उस झगडे  में मनीष का हाथ फ्रैक्चर हुआ और सूरज की आँख के निचे चोटें आई  . मनीष के हाथ में फ्रैक्चर हुआ है उसे लोहे की रोड लगानी  पड़ी है , इस झगडे में कंही भी RIGHT WING का कोई अस्तित्व नही लेकिन फिर भी RIGHT WING को टार्गेट किया SICKULAR  MEDIA ने  और पूरी तरह से घटना  अलग ही रूप दे दिया.  इस घटना को दलाल मीडिया  ने एक अलग एंगल दिया  जो की उनके अजेंडे को सूट करता है , उस अजेंडे के अनुरूप इस पूरी घटना की रिपोर्टिंग की गयी . वास्तविक गुंडे को ही पीड़ित आदमी के रूप ,में पेश करके मीडिया ने निर्लज्जता की सारी हदें पार कर दी हैं.

आपको ऐसे लोगों से ऐसे दलाल मीडिया से बच के रहना है सावधान रहना और कोई भी घटना आपके सामने आती है तो प्लीज उसे खुल के सामने लाइए कुछ और नहीं हो  तो आप हमें लिखकर भेजिए.

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