उफ्फ ये सड़ेली गर्मी ! सूरज का इंटरव्यू exclusive

हे सूरज देवता क्या तेरे मन में है समाई, जो आपने यूँ हमारी लगाईं

मई की इस भयंकर प्रचंड गर्मी में जब लोग हाहाकार करने लगे तो , हमारे संवाददाता खिलोनेलाल  की खोजी पत्रकारिता जाग उठी उनसे देखा नहीं गया उन्होंने भी ठान ली की वो सुरज  देव से सवाल करके ही  रहेंगे आखिर क्यों वो हम धरटी  वालों पर इतना कुपित रहते हैं खासकर मई जून में , क्या उनमे ह्रदय नहीं हैं , या वो केजरीवाल की तरह जिद्द्दी औरइतना  घमंडी हो चुके हैं की किसी और के बारे में  नहीं सोचते बस अपना ताप ईगो और ताप बढ़ाते  रहने से मतलब है।  अब सूरज  देव से सम्पर्क  कैसे हो ,तो उसके लिए भी उन्होंने एक युक्ति निकाल ली ,बोले सूरज कूद तो हमसे क्यों सम्पर्क करेंगे ।  उन्होंने  सुरज देव के लिए जाल बिछाया।  तड़के तड़के सुरज की  वो हल्की हल्की किरणे जब अपनी  आभा  धरती पर पसार  रही थी तो खिलोने लाल  जी ने एक अँधेरे से कमरे एक छोटा सा सुराख़ कर चुपके से एक किरण को अंदर आने दिया और लगभग उसे अपहृत सा कर लिया। खिलोने लाल जी ने धमकी दी , अगर उसने उनका काम नहीं क्या  उनकी सूरज देव से बात नहीं कराइ ,तो वो सुराख़ बंद कर उसे यहु खत्म कर  देंगे , किरण ने डर  से ,झट से सुरज देव  को यथा स्थिति  व्हाट्सअप करके  बता दी , सूरज देव बड़ा  गुस्सा किये , किस मूर्ख  की शामत  आयी है जो मेरी  किरण को किडनैप किया ,  उसे तो शाहरुख़ खान  भी नहीं कर पाया। बोले उस पगले बात कराओ।

आगे क्या पढ़ें उनमे क्या वार्ता हुई

सूरज देव- अरे पागल इंसान तेरी इतनी हिम्मत कैसे हुई की मेरी किरण को किडनैप करके धमकी दे रहा , अभी कम जल रही ह क्या तुम लोगों की  और जलाऊं  क्या।

खिलोनेलाल जी – अरे नहीं आप तो हमारे पूज्य हैं।  मुझे तो दरअसल आपका इंटरव्यू लेना था इसलिए ये चाल अाजमानी पड़ी. सिर्फ आपसे बात करना चाह  रहा था। मुझे माफ़ करें में तो आपकी  चरण राज के समान  भी नहीं हूँ।  ( इस प्रकार खिलोने राम जी ने सूरज देव की चापलूसी कर उनके ईगो को संतुष्ट कर दिया और  अपने प्राण बचाए )

सूरज देव – क्या बात है रे ! कन्हैया ,बुरहान  का हेड मास्टर बाप , हार्दिक पटेल, अफजल गैंग  वो तो तुम्हारे हीरो हैं।  तुम उन्हें छोड़ मेरे पास क्यों आये  हो।

खिलोनेलाल जी- प्रभु वो आप गलत समझ गए में तो हवेली समाचार सेवा से हूँ। सबको हवेली बुलाता हूं

पर आपको नहीं बुला सकता। वैसे ही आपने  सुलगा रखी है हमारी हवेली पर आओगे तो में तो  उड़ जाऊंगा

सूरज देव  -हाँ  हाँ  पता है  तुम हवेली से हो , में  मजाक कर रहा था  पूछो  क्या पूछना है

कहि – प्रभु आप हर साल गर्मियों में अपना ही रिकॉर्ड क्यों तोड़ते जा रहे हैं क्या आपको भी  गिनीज बुक्स का चस्का लग गया है।  क्यों आप रोजर फेडरर सी परफॉर्मन्स दे रहे हो।

सूरज देव-  अरे मुरख वो बहुत दिनों  से अपने पेज अपडेट नहीं कर रहे थे। सो हर साल उनके पेज रिफ्रेश करा देता हूँ  इसी  बहाने

खिलोनेलाल जी – पर आपके इस रिफ्रेश के चक्कर  में हमारी  तो लग जाती हैं ना ! सुबह उठते  ही आपकी  किरणे पहले दुलार करती  थी अब तो  आँख खुलते ही ऐसे बरसती  हैं जैसे बीबी सोये हुए पति पर  बरसती है

सूरज देव – मुर्ख तू भी कभी  झांक  अपनी गिरेबान में  तू साले लाड़ के ,प्यार के  टाइम उठा कर ना।  दस बजे उठता है।  कभी उठा भोर में ?  पार्टी 6 बजे तक चलेगी मुझे सुना सुना के गाता है क्या साले कान में इतना ही दम  है तो 8  बजे तक पार्टी चलाकर  दिखा।

खिलोनेलाल जी- क्षमा क्षमा  प्रभु में नहीं हूँ  वो आदमी

सूरज देव – तो क्या ? बे है तो तेरी ही कुनबे का ना !

खिलोनेलाल जी- आपसे  जिरह तो नहीं कर सकता प्रभु बस इतना बता दो की आप अपना प्रचंड ताप कम क्यों नहीं कर रहे हो।

खिलोनेलाल जी- क्षमा क्षमा  प्रभु में नहीं हूँ  वो आदमी

सूरज देव – मुझसे क्या पूछ रहा तू ये  तो अपने  बच्चो से ही पुछ् लेता तो वो ही बता देते।  सालों पेड़ तो एक  लगाते  नहीं हो ,  जो हैं उन्हें भी काटे दे रहे हो।  पहले में भी धरती की हरियाली को देख के आँखें सेंक लिया करता था।  अब तो साला  बस  कंक्रीट  के जंगल दिखाई देते  हैं बस।

खिलोनेलाल जी-ठीक है प्रभु ज्ञान हो गया जी।  आप से बहस में जीत नहीं सकता

सूरज देव -सही है  हो गया।   तू  जीत भी जाता तो , में ताप कम थोड़े कर देता तुम मुझ हरियाली दो में तुम्हे फिर  सब्सिडी  दे सकता हूँ ताप में।

खिलोनेलाल जी-  बस बस यही सब्सिडी  चाहिए थी प्रभु बस। आपने बोल  दिया  तो अब पेड़ लग जायेंगे

इसके  बाद सूरज देव ने फ़ोन काट दिया  और अपने खिलोनेलाल जी का इंटरव्यू  भी समाप्त हुआ

आपका कोई सवाल है खिलोने लालजी  या  सूरजदेव से हो तो कमेंट  में जरूर पूछे।

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